cash flow statement क्या है?(What is cash flow statement?)

दोस्तो आज के इस पोस्ट में हम cashflow statement यानी रोकड़ प्रवाह विवरण के बारे में अच्छी तरह से जानेंगे और समझेंगे किया क्या है और इसे क्यों बनाया जाता है।

आज हम इस पोस्ट में cash flow statement के बारे में जानेंगे कि cash flow statement क्या है? cash flow statement क्यों बनाया जाता है? cash flow statement की प्राकृति क्या है? cash flow statement का उद्देश्य क्या है? cash flow statement की उपयोगिता और महत्व क्या है? cash flow statement की सीमाएं क्या है? इन सभी विषयों के बारे में हम इस पोस्ट में जानेंगे तो अगर आप cash flow statement से संबंधित यह सभी जानकारी लेना चाहते हैं तो इस पोस्ट को पूरा अंत तक जरूर पढ़ें।

cash flow statement क्या है?(What is cash flow statement?)

दोस्तों cash flow statement स्टेटमेंट एक financial statements है जो हमें यह बताता है कि किसी कंपनी के पास एक fixed period में कितना Cash आया और कितना cash कंपनी से बाहर गया। और उस fixed period मैं कंपनी के केस में कितना परिवर्तन आया।

समानता हम रोकड़ प्रवाह विवरण यानी cash flow statement का analysis annual report मैं करते हैं जहां टाइम पीरियड 1 साल का होता है।

भारतीय इन्स्टीटयूट ऑफ कॉस्ट एवं मैनेजमेण्ट एकाउण्टेण्ट्स के अनुसार, “किसी दी गई अवधि में रोकड़ की आवश्यकताओं का निर्धारण एवं उनकी पर्याप्त व्यवस्था करने के उद्देश्य से विभिन्न शीर्षकों के अन्तर्गत बनाये गये रोकड़ के स्रोत एवं उनके उपयोग से बनाया गया विवरण रोकड़-प्रवाह विवरण है।”

cash flow statement क्यों बनाया जाता है? (Why Cashflow statement made?)

दोस्तों जैसा कि ऊपर हमने जाना कि रोकड़ प्रवाह विवरण क्या होता है अब हम जानते हैं की रोकड़ प्रवाह विवरण क्यों मनाया जाता है।

रोकड़ प्रवाह विवरण यानी कैश फ्लो स्टेटमेंट इसलिए हमें बनाने की जरूरत पड़ती है क्योंकि यह हमें हमारे कंपनी की हर एक एक्टिविटी को बताता है जिससे कैश यानी रोकड़ का प्रवाह हो रहा है।

कंपनी में रोकड़ का प्रवाह दो तरीके से होता है। एक Inflow और outflow।

cash flow statement की प्राकृति :

cash flow statement एक व्यवसायिक संस्था की एक विशेष अवधि में विभिन्न क्रियाकलापों द्वारा cash का inflow और outflow को दर्शाता है।

रोकड़ प्रवाह विवरण को तीन शीर्षक गतिविधियों में बांटा गया है

  • a) परिचालन क्रियाकलाप गतिविधि
  • b) निवेश क्रियाकलाप गतिविधि
  • c) वित्तीय क्रियाकलाप गतिविधि

 

रोकड़ प्रवाह Cash flow क्या है?

रोकड़ प्रवाह से हमारा आशय है cash और cash equivalents के inflow और outflow से है । रोकड़ प्रवाह 2 तरह से होता है

1.) INFLOW
2.) OUTFLOW

Cash flow statement (रोकड़ प्रवाह विवरण) के उद्देश्य

  • रोकड़ प्रवाह विवरण बनाने का मूल उद्देश्य रोकर के स्रोतों तथा प्रयोगों की जानकारी प्राप्त करना है।किसी दो
  • विशेष अतिथियों के बीच रोकड़ में आए परिवर्तन की जानकारी के लिए बनाया जाता है।
  • विभिन्न निवेश संबंधी परियोजनाओं में रोकड़ की आवश्यकता का निर्धारण करने के लिए बनाया जाता है।
  • कंपनी की वित्तीय स्थिति के कुशल प्रबंधन में सहायता प्रदान करता है।
  • वित्तीय नीतियों के निर्धारण में मदद करता है
  • Cash budget के निर्माण में सहायता प्रदान करता है।
  • लाभांश के भुगतान के संबंध में निर्णय लेने में सहायता प्रदान करता है।

cash flow statement (रोकड़ प्रवाह विवरण) की उपयोगिता

दोस्तों अब हम रोकड़ प्रवाह विवरण की उपयोगिता के बारे में जानते हैं कि यह हमारे कंपनी में कैसे उपयोगी है। दोस्तों ऊपर हमने रोकड़ प्रवाह विवरण क्या है क्यों बनाया जाता है और इसके उद्देश्य क्या है इन सभी के बारे में तो जान ही लिया अब हम इसकी उपयोगिता के बारे में भी जान लेते हैं।

रोकड़ प्रवाह विवरण की उपयोगिता निम्नलिखित है:

  • रोकड़ प्रवाह विवरण किसी फर्म के रोकड़ स्थिति Cash position के मूल्यांकन में बहुत उपयोगी है।
  • फॉर्म के विभिन्न प्रकार के अवयवों के भुगतान के लिए रोकड़ की आवश्यकता पड़ती है रोकड़ प्रवाह विवरण प्रबंधकों को रोककर के विभिन्न स्रोतों के संबंध में पूर्ण जानकारी प्राप्त करता है ताकि उनका सही प्रयोग किया जा सके।
  • रोकड़ प्रवाह विवरण प्रबंधकों को रोककर बजट तैयार करने में सहायता प्रदान करता है।
  • रोकड़ प्रवाह विवरण लाभांश संबंधी नीतियों के निर्धारण और निर्धारित समय सीमा के अंदर इसके भुगतान में सहायक होता है।
  • रोकड़ प्रवाह विवरण प्रबंधकों को वित्तीय नियोजन की निर्माण में सहायता प्रदान करता है।

रोकड़ प्रवाह विवरण की सीमाए

यह सच है कि आज रोकड़ प्रवाह विवरण बहुत उपयोगी है और कई उद्देश्यों की पूर्ति करता है। फिर भी इस महत्वपूर्ण उपकरण या तकनीक प्रयोग करते समय कुछ सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

इसका कारण यह है कि रोकड़ प्रवाह विवरण के सन्दर्भ में यदि शुद्ध आय के कड़े सही-सही आकलित न किये जायें तो भ्रामक निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं।

रोकड़ प्रवाह विवरण की कुछ सीमाएँ निम्न प्रकार हैं:

  • (i) ‘रोकड़’ को सही-सही परिभाषित करना कठिन है।
  • (ii) चैक, स्टॉम्प, पोस्टल ऑर्डर इत्यादि को रोकड़ में शामिल किया जाये या नहीं, इसके सम्बन्ध में विवाद है।
  • (iii) यह गैर-रोकड़ मदों को प्रदर्शित नहीं करता है। अतः गैर-रोकड़ लेन-देनों की उपेक्षा होती है।
  • (iv) यह लेखांकन के बुनियादी सिद्धान्त अर्थात् ‘उपार्जन सिद्धान्त’ को नजरअन्दाज करता है।
  • (v) यह सिर्फ शुद्ध रोकड़ अन्तर्वाह एवं बहिर्वाह को प्रदर्शित करता है। अतः यह उपक्रम के शुद्ध लाभ या हानि का प्रतिनिधित्व नहीं करता है।

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